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रूटीन (भाग-2)

     मैने पूरे पर्दे को एक साइड किया और बाहर देखने लगा। बाहर आसमान में बिजलियां ऐसे चमक रहीं थीं जैसे डिस्को लाइट चमकती हों। फोन उठाकर देखा, उसमें नेटवर्क का कोई नामोनिशान नहीं था।...

रूटीन (भाग -1)

ये था मैं! एक मिनट, आप मुझे देख तो नहीं पा रहे होंगे, मुझे ही अपना विवरण देना होगा। तो हां जनाब, ये था मैं— चढ़ी हुई आँखें, बढ़ी हुई तोंद और उड़े-उड़े बालों के साथ शीशे के सामने टाई पहन रहा था। आँखें...

अकेला

अकेला,डरता,पर आगे बढ़ताआगे क्या मोड़ ले राह यह सोच कर सिहरता अकेला, डरता,पर आगे बढ़ता कुछ जोड़ताकुछ तोड़ताकुछ देखकर मुख मोड़ता कुछ पा लेताकुछ छोड़ताहूं राह में बस दौड़ता अकेला, डरता,पर आगे बढ़ता कुछ...

जैसा तुमने छोड़ा था

तुम्हारे जाने के बादजैसा था वैसा ही रखा हैघरवो उखड़ा प्लास्टरदीवारों पर तुम्हारेहाथों से किए निशानसब वैसे ही रख छोड़े हैतुम्हारी गाड़िया तुम्हारे खिलौनेसब रखे है संभाल क्योंकिमुझे पता है तुम्हे आना है...

एक दो तीन चार

छोटे से गांव में ये शाम भी बाकी शाम जैसी ही थी, शांत और अपनी गति से चलने वाली, गांव के पास में बहती हुई नदी में मानो डूबता हुआ सूरज अपनी सारी लालिमा को नदी के पानी में मिला दे रहा था, ठंडी हवाएं जैसे...

बेटा

आज पहली बार वह घर से इतना दूर आई थी, वह भी अपने बाबा के साथ। नहीं तो हमेशा उसकी बहनें साथ-साथ रहती थीं। घर की सबसे छोटी होने के कारण ही शायद उसे थोड़ा प्यार मिल भी गया था, नहीं तो उसकी बहनों की तरह उसे...

जिन्दगी क्या ही है गीत

जिंदगी क्या ही हैमुझको बहती नदी सी लगेधूप भी है छांव भीबस तेरी कमी सी लगे जिंदगी क्या ही हैमुझको बहती नदी सी लगेधूप भी है छांव भीबस तेरी कमी सी लगे पहाड़ भी है वादियां नदी भी है और पेड़ भीहवा भी है...

दरिया गीत

ये बहता दरिया भी काफी नहीं हैजो मेरे अंदर ही बाकी नहीं हैतेरी यादें आती हैं सागर की लहरों सीअंदर से मुझको हिलाती सी रहती सी मैं मिटता सा रहताथोड़ा साथोड़ा सामिट के सवरता थोड़ा साथोड़ा सा बिखरता सा...

गणपति भक्ति गीत

गणपति हो गणपतिहे विघ्नहर्ता गणपतिकरते है हम प्रार्थना येविघ्न हरना गणपति गणपति हो गणपति रिद्धि सिद्धि सारी विद्याआते है तुमसे सभीतुमसे पूरी कामना होचाहे छोटी या बड़ी गणपति गणपति हो गणपति हे गजानन...