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चांद तारे सारे के सारेआ जाओ मुट्ठी में,तुमको सुनाऊं एक कहानी गर्मी की छुट्टी में, चांद तारे सारे के सारेआ जाओ मुट्ठी में,तुमको सुनाऊं एक कहानी गर्मी की छुट्टी में, छोटा सा कछुआ और एक खरगोशरहते थे जंगल...
करनी है तुमसे बातें कईकितने ही दिन बीते राते कईनींदों में , ख्वाबों में आती हो तुमसामने मेरे आओ कभी करनी है तुमसे बातें कईकितने ही दिन बीते राते कई देखो मुझे तुम देखूं तुम्हेखोया हुआ हूं मैं तो...
दीवानगी की हद तक तुझको मैं चाहूं तब तक दुनिया क्या है जमाना लड़ जाऊ मैं तो रब तक तुझसे करूं मोहब्बत है सांस मेरी जब तक दिल से मेरी तमन्ना है आ गई ये लब तक तेरा...
आंखें तुम्हारीकरती हैं बातें दिल ये है कहता लबों पे आ के तुमसे मिला था जब मैंतेरा ही हो गया थाजुड़ने लगी थी किस्मतदिल भी मेरा जुड़ा था सांसे तुम्हारी आते जातेखींचे है मुझकोअपना बना के आंखें तुम्हारी...
आंखें तुम्हारीदेखो ये मुझपेआके हैं पड़तीघड़ी घड़ी नज़रे बचा केजाऊं मैं कैसेतुम हो यहां पेखड़ी खड़ी आंखें ……बड़ी बड़ी मुझपे ……पड़ी पड़ी आंखें …… बड़ी बड़ी मुझपे...
ये जो है राततेरे साथबिताई मैने सिर्फ तुझको ही नहीं तेरी रूह भीपाई मैंने ये जो है राततेरे साथबिताई मैनेसिर्फ तुझको ही नहीं तेरी रूह भीपाई मैंने बरसता सावन भीजो न भिगो है पायाबरसता सावन भी जो न भिगो है...
कान उमेठकर तेजी से मैं उसे लिये चला जा रहा था कि तभी उस लाल पारी की लालिमा ने मुझे रुकने पर मजबूर कर दिया और भी लोग जहां थे वहीं ठिठक गए। उसकी लालिमा है ही ऐसी — पर वो आकर्षण नहीं, भय के कारण होती...
शाम का समय, दिन अब जाने को है, रात इंतज़ार कर रही है-अपनी बारी की। शाम, जो इन दोनों की साथी है, अभी अपनी मौज में है — और, अपनी मौज में एक और आदमी भी है, चला जा रहा हैरास्ते पर,घर की ओरखुशी-खुशी,कोई...
“मुनिवर ! कुछ तो रास्ता निकालिए। बेचारे कितनी प्रार्थना करते हैं। आप तो महर्षि हैं। आप की तो तीनों देवताओं से ट्यूनिंग भी अच्छी है। कोई तो उपाय करिए।” कुछ देवगणों ने नारद जी से कहा। नारायण! नारायण!...
