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हाथी राजा हाथी राजातुम हो कितने बड़े,नाक तुम्हारी लंबी -लंबीखंबे जैसे खड़े|गोल -गोल सी आंखे है ये पंखों जैसे कानइस दुनिया में होगा क्याकोई ऐसा बलवान|दांत तुम्हारे लंबे -लंबेझाड़ू जैसी पूंछबाल तुम्हारे...
जो मिल गया है तू ,सुकून हैजो न मिले भी तो ,सुकून है तेरे ख्यालों में,तेरे ही साथ में,तेरी ही बातों में सुकून है।जो न हो बाते भी ,सुकून है।सुकून है सुकून है सुकून हैजो मिल गया है तू, सुकून हैजो न मिले...
जैसे लगता है कल की ही बात हैजब हम तुम मिले थेघड़ी समय तो वही बताती थीपर दिन गुलाबी और राते शराबी हो गई थीजैसे लगता है कल की ही बात हैजब हम तुम मिले थे फूल महकने लगे थेपंछी ज्यादा ही चहकने लगे थेवर्षा...
समय होने वाला है, फिर वही किच-किच, मैं तो परेशान हो गई हूं। इतने दिन शांति थी अब फिर वही शुरू, एक तो वैसे ही हथौड़े से सर झन्ना जाता है, उस पर से इनकी चिल्ल-पो। मुझसे अच्छी तो शहर वाली है। वो तो एकदम...
जिंदा नहीं हूँ, मैं मन हूँ कई बार मर चुका हूँ। ना ही रात में ना ही अकेले में भरी दोपहर, भरे मेले में अपना दम घोट चुका हूँ जिंदा नहीं हूँ, मैं मन हूँ कई बार मर चुका हूँ। किसी की बात पर कभी हालत पर...
किस्से- कहानी बहुत ही हैं सारी कुछ तेरी ज़ुबानी कुछ मेरी ज़ुबानी। कहनी बहुत तन्हा जो रातें गुज़ारी कुछ तेरी ज़ुबानी कुछ मेरी ज़ुबानी। दिल भी धड़कता है तेरे लिए सांसे भी चलती है तेरे लिए मैं तू हुआ हु...
उसके बचपन में अपना बचपन खोजता हूँ नहीं,उसके लिए नहीं, मैं अपने लिए सोचता हूँ। चार पहियों की गाड़ीतीन पहियों वाला तांगा दो टांगों वाला बंदर एक सींग वाला घोड़ाये सब अपनी पसंद का देखता हूँ नहीं...
“सांसे चल रही हैं या नहीं ई तो देखो।” सबसे बड़े भाई रमेश ने महेश को हाथ के धक्के से आगे करते हुए कहा। “देख तो लिया, कै बार कहें?, नही चल रही है, गए ये।” धक्के से दूसरे नंबर का भाई महेश दो कदम आगे जा...
इन ऊंचे ऊंचे फ्लैट्स में रहना मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है। ये बिल्डिंगे तो ऊंची ऊंची हैं, पर यहां के लोगो के दिलो के बारे में ऐसा कहना संशय भरा है। पर क्योंकि यह शहर का अभिन्न भाग है– जहां लोग ज्यादा और...
