करनी है तुमसे बातें कई
कितने ही दिन बीते राते कई
नींदों में , ख्वाबों में आती हो तुम
सामने मेरे आओ कभी
करनी है तुमसे बातें कई
कितने ही दिन बीते राते कई
देखो मुझे तुम देखूं तुम्हे
खोया हुआ हूं मैं तो तुममें
प्यार मेरा है इतना गहरा
मेरी भी आंखों में खो जाओगी
झूठा नहीं हु मै हु सही
अरे करनी है तुमसे बाते कई
मिलोगी क्या जब मुझको
गले से लगालोगी
अपनी ही कहोगी या सुनोगी मेरी भी
बाते मुलाकाते क्या होगी कभी
करनी है तुमसे बाते कई

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