देश की आवास समस्या

“मुनिवर ! कुछ तो रास्ता निकालिए। बेचारे कितनी प्रार्थना करते हैं। आप तो महर्षि हैं। आप की तो तीनों देवताओं से ट्यूनिंग भी अच्छी है। कोई तो उपाय करिए।” कुछ…

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चप्पल सुंदरी

“हट! हट यहाँ से!” “ पता नहीं कहाँ-कहाँ से चले आते हैं? खुद तो गंदी हो और मुझे भी गंदी किए जा रही हो। कभी आईने में अपनी शक्ल देखी…

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टूटी छत

जून की लू के थपेड़ों से भरी हुई दोपहर, सीमेंट की चादर से बनी छत की दरार से आती हुई धूप, मनोज के चेहरे पर पड़ती हुई उसकी नीद में…

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मिन्नतें

समय होने वाला है, फिर वही किच-किच, मैं तो परेशान हो गई हूं। इतने दिन शांति थी अब फिर वही शुरू, एक तो वैसे ही हथौड़े से सर झन्ना जाता…

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टाईलेट

“सांसे चल रही हैं या नहीं ई तो देखो।” सबसे बड़े भाई रमेश ने महेश को हाथ के धक्के से आगे करते हुए कहा। “देख तो लिया, कै बार कहें?,…

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वो कौन था

इन ऊंचे ऊंचे फ्लैट्स में रहना मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है। ये बिल्डिंगे तो ऊंची ऊंची हैं, पर यहां के लोगो के दिलो के बारे में ऐसा कहना संशय भरा…

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