शब्द

शुरुआत का समय, सोचा लिखना चाहिए, विचार तो बहुत मन में आते है पर क्या-क्या पता नहीं । बड़े अजीबो- गरीब, स्वप्न भी कहानी या चलचित्र के समान प्रतीत होते।…

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गुब्बारे

गुब गुब गुब गुब्बारेदेखो देखो है ये कितने सारेगुब गुब गुब गुब्बारेदेखो देखो है ये कितने सारे कुछ कुछ कुछ नीचे पड़े हैंकुछ कुछ कुछ ऊंचे उड़ चले हैसंग संग…

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हाथी राजा

हाथी राजा हाथी राजातुम हो कितने बड़े,नाक तुम्हारी लंबी -लंबीखंबे जैसे खड़े|गोल -गोल सी आंखे है ये पंखों जैसे कानइस दुनिया में होगा क्याकोई ऐसा बलवान|दांत तुम्हारे लंबे -लंबेझाड़ू जैसी…

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सुकून

जो मिल गया है तू ,सुकून हैजो न मिले भी तो ,सुकून है तेरे ख्यालों में,तेरे ही साथ में,तेरी ही बातों में सुकून है।जो न हो बाते भी ,सुकून है।सुकून…

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कल की ही बात है

जैसे लगता है कल की ही बात हैजब हम तुम मिले थेघड़ी समय तो वही बताती थीपर दिन गुलाबी और राते शराबी हो गई थीजैसे लगता है कल की ही बात…

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मिन्नतें

समय होने वाला है, फिर वही किच-किच, मैं तो परेशान हो गई हूं। इतने दिन शांति थी अब फिर वही शुरू, एक तो वैसे ही हथौड़े से सर झन्ना जाता…

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मैं मन हूँ।

जिंदा नहीं हूँ,मैं मन हूँ कई बार मर चुका हूँ।ना ही रात मेंना ही अकेले में भरी दोपहर,भरे मेले मेंअपना दम घोट चुका हूँ जिंदा नहीं हूँ, मैं मन हूँ कई बार मर चुका हूँ।किसी…

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कुछ तेरी कहानी कुछ मेरी कहानी

किस्से- कहानी बहुत ही हैं सारी कुछ तेरी ज़ुबानी कुछ मेरी ज़ुबानी। कहनी बहुत तन्हा जो रातें गुज़ारी कुछ तेरी ज़ुबानी कुछ मेरी ज़ुबानी। दिल भी धड़कता है तेरे लिए…

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बचपन

उसके बचपन में अपना बचपन खोजता हूँ नहीं,उसके लिए नहीं, मैं अपने लिए सोचता हूँ।चार पहियों की गाड़ीतीन पहियों वाला तांगा दो टांगों वाला बंदर एक सींग वाला घोड़ाये सब अपनी पसंद का…

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टाईलेट

“सांसे चल रही हैं या नहीं ई तो देखो।” सबसे बड़े भाई रमेश ने महेश को हाथ के धक्के से आगे करते हुए कहा। “देख तो लिया, कै बार कहें?,…

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