ये शहर मेरा नही है।

भागता दौड़ता राह को रौंदताकुछ मिल गया राह मेंकुछ पीछे अपने छोड़ता यहां कोई भी ठहरा नही हैये शहर मेरा नही है।भीड़ की दीवार हैआपाधापी बेशुमार हैसुबह भी चल रहे थेसांझ…

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बस इतनी सी बात हो

बस इतनी सी बात हो देखूँ तुझे  तू भी देख ले चाहे कैसे भी हलात होबस इतनी सी बात होचाहे धूप हो या छांव हो या घनघोर अँधेरी रात होबारिश की बूंदो का…

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तुझमें कुछ तो बात है

 कभी नम हैं आंखे कभी हैं चमकतीकभी गुम हैं लब कभी बाते खनकतीमुख के हर एक भाव का अलग अंदाज हैतुझमें कुछ तो बात हैकभी है अटकती कभी है चहकतीकभी…

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चंद्रमा

 ऐ चन्द्र तुम्हारी किरणों में सब कुछ निर्मल सा लगता है सब कहते है कि अंधकार हैपर मुझको तो सब ही दिखता है।  रूप रंग का भेद मिटा कर तुम सबको सम कर देते…

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सोचा कुछ तो लिख ही दूंगा

 हुई शाम थी, बैठा एक दिनसोचा कुछ तो लिख ही दूंगामन हि मन में चलने वालीदिल हि दिल में रहने वालीकुछ बातो को काग़ज़ पर तो मै रख ही दूंगासोचा…

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मेरी कहानी में अब तुम्हारा भी हिस्सा है

  मेरी कहानी में अब तुम्हारा भी हिस्सा है         कच्चा कच्चा ही सही              पर बड़ा ही अच्छा किस्सा है       …

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तू रूठ गया ऐसा लगता है

 कुछ छूट गया ऐसा लगता हैतू रूठ गया ऐसा लगता हैआंखे भी एकदम मौन रही शब्दों पर जैसे बंधन थेवाणी भी एकदम जड़ ही रहीभाव भी जैसे मृत से थेहृदय टूट…

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ऐसी है वो

अच्छी सी सच्ची सी प्यारी सी कच्ची सीहल्की सी फुल्की सी छोटी सी बच्ची सीझूठी नहीं वो तो एकदम ही सच्ची सीमुच्ची सी पुच्ची सी थोड़ी सी टुच्ची सीज्ञानी सयानी सी सबकी वो रानी…

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काले बादल

आसमा ने काले बादलों से ये कहाक्यों रहे हो तुम गरज क्यों रहे मुझे डराआयेगा जब सवेरा जाओगे तुम कहालेके अपनी बुंदुओं को लेके अपनी कालिमाआसमा ने भी नहीं खेली…

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रात

हज़ारों तारे है चांद भी हैफिर भी अंधेरा हैऐ जिन्दगी इस रात का क्या कोई सवेरा है  चल रहा है हर कोई  आंख मूंदे ना दो आवाज यहां हर शख्स बहरा है  अके मिलती…

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