एक दो तीन चार
एक छोटे कस्बे में,शाम ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे। एक घर के बाहर कुछ बच्चियां लगड़ी टांग खेल रही हैं। एक दो तीन चार… (गिट्टियां फेकने और…
एक छोटे कस्बे में,शाम ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे। एक घर के बाहर कुछ बच्चियां लगड़ी टांग खेल रही हैं। एक दो तीन चार… (गिट्टियां फेकने और…
एक प्यारी सुहानी सुबह, बड़े से पार्क के बाहर,एक 5-6 साल की लड़की सुंदर से कपड़ों में अपने पिता के साथ खड़ी है,पिता फटे पुराने गंदे कपड़ों में हैउसके हाथ…
शाम का समय दिन अब जाने को है, रात इंतज़ार कर रही है अपनी बारी की। शाम,जो इन दोनों की साथी है, अभी अपनी मौज में है — और अपनी…
मुनिवर, कुछ रास्ता निकालिए। बेचारे कितनी प्रार्थना करते हैं। आप तो महर्षि हैं। आप की तो तीनों देवताओं से ट्यूनिंग भी अच्छी है। कोई तो उपाय करिए।आप लोग चिंता न…
हट! हट यहाँ से!पता नहीं कहाँ-कहाँ से चले आते हैं। खुद तो गंदी हो और मुझे भी गंदी किए जा रही हो। कभी आईने में अपनी शक्ल देखी है? कभी…
जून की लू के थपेड़ों से भरी हुई दोपहर, सीमेंट की चादर से बनी छत की दरार से आती हुई धूप मनोज के चेहरे पर पड़ती हुई उसकी नीद में…
समय होने वाला है, फिर वही किच-किच, मैं तो परेशान हो गई हूं। इतने दिन शांति थी अब फिर वही शुरू, एक तो वैसे ही हथौड़े से सर झन्ना जाता,…
सांसे चल रही हैं या नहीं ई तो देखो।देख तो लिया कै बार कहा ना, नही चल रही है, गए ये।सबको खबर देनी होगी।सब तो है बस छोटकि बाहर गई…
इन ऊंचे ऊंचे फ्लैटों में रहना मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है। ये बिल्डिंगे तो ऊंची ऊंची हैं पर यहां के लोगो के दिलो के बारे में ऐसा कहना संशय भरा…