जैसे लगता है कल की ही बात है
जब हम तुम मिले थे
घड़ी समय तो वही बताती थी
पर दिन गुलाबी
और राते शराबी हो गई थी
जैसे लगता है कल की ही बात है
जब हम तुम मिले थे
फूल महकने लगे थे
पंछी ज्यादा ही चहकने लगे थे
वर्षा के बाद सतरंगी धनुष सा
जीवन में रंग ही रंग दिखने लगे थे
जैसे लगता है कल की ही बात है
जब हम तुम मिले थे
तुम्हारे छुवन से
हल्की पवन से
मैं तो सिहर ही गया था
जैसे लगता है कल ही बात है
जब हम तुम मिले थे
वो आंखों से हंसना
वो बातों से खनकना
वो बालों की लट
वो पल्लू का झटकना
सब चलचित्र से चलते है
जैसे लगता है कल की ही बात है
जब हम तुम मिले थे।
कानों के झुमके
माथे की बिंदी
चूड़ी की खन खन
पायल की छन छन
कपड़ों का रंग
चलने का ढंग
सब कुछ स्पष्ट याद है मुझे
जैसा लगता है कल की ही बात है
जब हम तुम मिले थे।
