चप्पल सुंदरी
“हट! हट यहाँ से!” “ पता नहीं कहाँ-कहाँ से चले आते हैं? खुद तो गंदी हो और मुझे भी गंदी किए जा रही हो। कभी आईने में अपनी शक्ल देखी…
“हट! हट यहाँ से!” “ पता नहीं कहाँ-कहाँ से चले आते हैं? खुद तो गंदी हो और मुझे भी गंदी किए जा रही हो। कभी आईने में अपनी शक्ल देखी…