पागल होना बड़ा कठिन है
हां! सही सुना आपने,
ये आसान नहीं है कि
बस सुनना अपनी,
और अपने मन की ही करते जाना।
अपने में ही खुश रहना,
और किसी को खुश न कर पाना
ये आसान नहीं है कि
चांदनी रातों में तारे ताकते जाना
किसी के प्यार में पड़ जाना
किसी के फूल को किताब में छुपाना
पुराने से खत को पढ़ना
या यूहीं बेवजह मुस्कुराना।
ये आसान नहीं है कि
किसी घायल को अस्पताल पहुंचाना
किसी बेजुबा को खिलाना
बाढ़ आंधी तूफान में अपना न सोचना
और दूसरो के लिए आगे आना
या लाखों का पैकेज छोड़
किसी गरीब के काम आना।
ये आसान नहीं है कि
महफिले छोड़ खुद में खो जाना
अनजानी रहो पर बिना मंजिल चलते जाना
दूसरों की खुशी में खुश होना
या छोटे बच्चों सा खिलखिलाना।
हां, ये सब बड़ा कठिन है
और मुझसे तो ये हो नहीं पाते
पर अगर आप इनमें से कुछ भी कर लेते हैं
तो बधाई हो!
आप भी पागल हैं,
दुनिया की नज़र में।
