दीवानगी की हद तक
तुझको मैं चाहूं तब तक
दुनिया क्या है जमाना
लड़ जाऊ मैं तो रब तक
तुझसे करूं मोहब्बत
है सांस मेरी जब तक
दिल से मेरी तमन्ना
है आ गई ये लब तक
तेरा राहूं दीवाना
ये चांद तारे जब तक
दीवानगी की हद तक
तुझको मैं चाहूं तब तक
तुझसे जुड़ी हो मेरी
अच्छी बुरी हो किस्मत
तेरा ही होना चाहूं
पहली और आखरी चाहत
तू ही मेरा धरम है
तूही है मेरा मजहब
दीवानगी की हद तक
तुझको मैं चाहूं तब तक
