कल की ही बात है
जैसे लगता है कल की ही बात हैजब हम तुम मिले थेघड़ी समय तो वही बताती थीपर दिन गुलाबी और राते शराबी हो गई थीजैसे लगता है कल की ही बात…
जैसे लगता है कल की ही बात हैजब हम तुम मिले थेघड़ी समय तो वही बताती थीपर दिन गुलाबी और राते शराबी हो गई थीजैसे लगता है कल की ही बात…
जिंदा नहीं हूँ,मैं मन हूँ कई बार मर चुका हूँ।ना ही रात मेंना ही अकेले में भरी दोपहर,भरे मेले मेंअपना दम घोट चुका हूँ जिंदा नहीं हूँ, मैं मन हूँ कई बार मर चुका हूँ।किसी…
किस्से- कहानी बहुत ही हैं सारी कुछ तेरी ज़ुबानी कुछ मेरी ज़ुबानी। कहनी बहुत तन्हा जो रातें गुज़ारी कुछ तेरी ज़ुबानी कुछ मेरी ज़ुबानी। दिल भी धड़कता है तेरे लिए…
उसके बचपन में अपना बचपन खोजता हूँ नहीं,उसके लिए नहीं, मैं अपने लिए सोचता हूँ।चार पहियों की गाड़ीतीन पहियों वाला तांगा दो टांगों वाला बंदर एक सींग वाला घोड़ाये सब अपनी पसंद का…
पतंगे !उड़ती फिरती बहती जातीजैसे जड़ रहितचंचल उड़ान,स्पर्श पवन का और बढ़ाता जिज्ञासादेखें, छूं लें सारा आसमान।पर बंधी कहीं हैं यें भी डोर सेलगता उनको बंधन ये,काश ये डोरी टूटे तो मुक्त…
नया साल कुछ नया नहीं,कुछ बचा रहा कुछ बचा नहींकुछ पास रहे कुछ पास नहीं कुछ भूल गए कुछ याद नहींनया साल कुछ नया नहींकुछ सोचा था कुछ किया नहीं,कुछ…
नींद बड़ी अच्छी आती हैजब मैं अपने घर सोता हूंपर थोड़ी खुशबू आती हैजब मैं अपने घर सोता हूं।एक नदी भी जाती हैछोटी छोटी मछली आती हैतारो का भी लगता…
भागता दौड़ता राह को रौंदताकुछ मिल गया राह मेंकुछ पीछे अपने छोड़ता यहां कोई भी ठहरा नही हैये शहर मेरा नही है।भीड़ की दीवार हैआपाधापी बेशुमार हैसुबह भी चल रहे थेसांझ…
बस इतनी सी बात हो देखूँ तुझे तू भी देख ले चाहे कैसे भी हलात होबस इतनी सी बात होचाहे धूप हो या छांव हो या घनघोर अँधेरी रात होबारिश की बूंदो का…
कभी नम हैं आंखे कभी हैं चमकतीकभी गुम हैं लब कभी बाते खनकतीमुख के हर एक भाव का अलग अंदाज हैतुझमें कुछ तो बात हैकभी है अटकती कभी है चहकतीकभी…