सर पर पैर, नहीं जूता

कान उमेठकर तेजी से मैं उसे लिये चला जा रहा था कि तभी उस लाल पारी की लालिमा ने मुझे रुकने पर मजबूर कर दिया और भी लोग जहां थे…

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फिल्म फेस्टिवल 3

अगला दिन क्योंकि रविवार था तो मैं सुबह से ही फिल्म फेस्टिवल में था। सुबह 9:00 बजे से स्क्रीनिंग की शुरुआत होनी थी पर मैं 8:45 पर ही वहां पहुंच…

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फिल्म फेस्टिवल 2

फिल्मों के ही सपने देखते-देखते अगले दिन आंख खुली। उस दिन तो सुबह से ही फिल्म दिखाई जानी थी, पर ऑफिस होने के कारण शाम को ही जा सका।पहली मूवी…

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फिल्म फेस्टिवल 1

पिछले रविवार की सुबह साइकिल की सैर करते हुए मन हुआ कि आज किसी नए रास्ते का रुख किया जाए तो चलाते-चलाते साइकिल दूसरी तरफ मोड़ ली। रास्ता अनजान था,…

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पहले का आनंद

"पहला" शब्द कितना मनमोहक होता है, जिसके आगे लगता है उसके महत्व को बढ़ा देता है, अब चाहे वह पहला काम हो, कार हो, घर हो या कुछ और।यहां बात…

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शब्द

शुरुआत का समय, सोचा लिखना चाहिए, विचार तो बहुत मन में आते है पर क्या-क्या पता नहीं । बड़े अजीबो- गरीब, स्वप्न भी कहानी या चलचित्र के समान प्रतीत होते।…

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