तू रूठ गया ऐसा लगता है

 कुछ छूट गया ऐसा लगता है

तू रूठ गया ऐसा लगता है

आंखे भी एकदम मौन रही 

शब्दों पर जैसे बंधन थे

वाणी भी एकदम जड़ ही रही

भाव भी जैसे मृत से थे

हृदय टूट गया ऐसा लगता है

तू रूठ गया ऐसा लगता है

मन तो बस विरान रहा 

चहुं ओर पूर्ण अंधियारा है

मुख पर मिथ्या मुस्कान रही

पर रोया हृदय हमारा है

सब रुक सा गया जैसा लगता है

तू रूठ गया ऐसा लगता है

मन में मेरे क्या चलता था

बस तुम ही तो ये जानते थे

मुझसे बेहतर मुझको

बस तुम ही तो पहचानते थे

रब छूट गया ऐसा लगता है

तू रूठ गया ऐसा लगता है

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