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बस इतनी सी बात हो

बस इतनी सी बात हो 

देखूँ तुझे  तू भी देख ले 

चाहे कैसे भी हलात हो

बस इतनी सी बात हो

चाहे धूप हो या छांव हो 

या घनघोर अँधेरी रात हो

बारिश की बूंदो का सावन

जाड़े कि सर्दी की शीतन

उगते सूरज की बेला हो

या तारों की बारात हो

बस तेरा मेरा साथ हो

बस इतनी सी बात हो

मेरे हर पल में तुम खास हो 

खुशियों की एक सौगात हो 

और नहीं कुछ भी चाहूँ

बस तू भी कह दे यही बात हो

बस इतनी सी बात हो

सुख दुःख पीड़ा दर्द का

तुम ही अंत तुम ही शुरुआत हो

एक क्षण भी जो तुम बिन गुज़रे 

उस जीवन का परित्याग हो

बस इतनी सी बात हो

बस इतनी सी बात हो

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