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बचपन

उसके बचपन में अपना बचपन खोजता हूँ 
नहीं,
उसके लिए नहीं, मैं अपने लिए सोचता हूँ।
चार पहियों की गाड़ी
तीन पहियों वाला तांगा 
दो टांगों वाला बंदर 
एक सींग वाला घोड़ा
ये सब अपनी पसंद का देखता हूँ 
नहीं, नहीं,
उसके लिए नहीं, मैं अपने लिए सोचता हूँ।
मेलो के ऊंचे झूले 
मदारी के खेल 
कागज की फिरकी
पन्नी का प्लेन
उसके सब खेलो में मैं भी खेलता हूँ
नहीं,नहीं,नहीं, 
उसके लिए नहीं, मैं अपने लिए सोचता हूँ।
बुढ़िया के बाल
खट्टी मीठी टॉफी
बर्फ के गोले
बेर भर के झोले
उसके चटखारों में मैं भी स्वाद लेता हूँ 
नहीं, नहीं, नहीं, नहीं, 
उसके लिए नहीं, मैं अपने लिए सोचता हूँ।
उसकी चाल में अपनी चाल
उसकी बातों में अपनी बातें 
उसके व्यवहार में अपना संस्कार
उसकी आंखों से अपना जीवन देखता हूँ
नहीं,नहीं, नहीं, नहीं, नहीं!!!
उसके लिए नहीं, मैं अपने लिए सोचता हूँ 
उसके बचपन में अपना बचपन खोजता हूँ।

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