मेरी कहानी में अब तुम्हारा भी हिस्सा है
कच्चा कच्चा ही सही
पर बड़ा ही अच्छा किस्सा है
समुंदर सा गहरा कभी उथले से जल सा है
कभी कड़वा कड़वा कभी मीठे से पल सा है
कठिन सा लगे कभी easy से हल सा है
कभी काले काले कभी सुनहरे से कल सा है
मेरी कहानी में अब तुम्हारा भी हिस्सा है
कच्चा कच्चा ही सही
पर बड़ा ही अच्छा किस्सा है
धूप सी तीखी कभी ठंडी सी बरसा है
ऊपर ऊपर है या ये गहरे से जड़ सा है
अच्छा लगे कभी हल्के से डर सा है
छोटा ही सही पर प्यारे से घर सा है
मेरी कहानी में अब तुम्हारा भी हिस्सा है
कच्चा कच्चा ही सही
पर बड़ा ही अच्छा किस्सा है
