ये शहर मेरा नही है।
भागता दौड़ता राह को रौंदताकुछ मिल गया राह मेंकुछ पीछे अपने छोड़ता यहां कोई भी ठहरा नही हैये शहर मेरा नही है।भीड़ की दीवार हैआपाधापी बेशुमार हैसुबह भी चल रहे थेसांझ…
भागता दौड़ता राह को रौंदताकुछ मिल गया राह मेंकुछ पीछे अपने छोड़ता यहां कोई भी ठहरा नही हैये शहर मेरा नही है।भीड़ की दीवार हैआपाधापी बेशुमार हैसुबह भी चल रहे थेसांझ…