रात
हज़ारों तारे है चांद भी हैफिर भी अंधेरा हैऐ जिन्दगी इस रात का क्या कोई सवेरा है चल रहा है हर कोई आंख मूंदे ना दो आवाज यहां हर शख्स बहरा है अके मिलती…
हज़ारों तारे है चांद भी हैफिर भी अंधेरा हैऐ जिन्दगी इस रात का क्या कोई सवेरा है चल रहा है हर कोई आंख मूंदे ना दो आवाज यहां हर शख्स बहरा है अके मिलती…